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Nature

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Killer कौन.......??? Last part

मंगलवार, 27 जुलाई 2021

/ by Prem yadav


हर्ष लावण्या से बंदूक छीना और उसका गला जोड़ से दबा दिया। अभी उसका गला दबाया ही था कि पीछे से हर्ष के सर पर किसी ने बंदूक तान दी। जब हर्ष पलट के देखा तो वो चौक गया वो कोई और नही वही खूंखार कालीचरण था। हर्ष को बंदूक नीचे फेंकनी पड़ी अब हर्ष और उत्कर्ष दोनो पकड़ा जा चुका था। कालीचरण हर्ष को मारने ही वाला था  की लावण्या बंदूक उठाई और कालीचरण पर तान दी और बोली कि "अपनी बंदूक फेक नही तो गोली मार दूंगी"। कालीचरण ने बंदूक फेक दी, हर्ष भौचक्का हो कर देखता ही रह गया। लावण्या ने अपनी कहानी सुनाना शुरू की 
मैं एक प्राइवेट स्कूल में टीचर हूँ मेरी एक सिर्फ छोटी बहन है। जब मैं जिम में हर्ष से मिली थी हम दोनों की दोस्ती हो गई थी। तब एक दिन मेरे मोबाइल पर एक कॉल आया उधर से जो आदमी था वो बोला कि "जो मैं कहता हूँ तुम चुप चाप वही करोगी नही तो तुम्हारी बहन तुमसे दुबारा कभी नही मिल पाएगी जैसा मैं कह रहा हूँ ऐसा ही करो काम पूरा होते ही तुम्हारी बहन तुम्हारे पास पहुँच जायेगी"। वो आदमी ने कहाँ की हर्ष को प्यार की जाल में फ़साओ और उससे NSA से फ़ाइल लाने को बोलो। हर्ष तुम तो प्यार में फस गए लेकिन तुम चोरी करने के लिए तैयार नही हुए। मेरी बहन के जान का सवाल था वो जैसा जैसा बोलते गया मैं करती गई। वो बोला कि तुम उत्कर्ष को प्यार के जाल में फ़साओ। मैं उत्कर्ष से भी प्यार का नाटक करने लगी लेकिन पता नही कब वो नाटक सच मे प्यार में बदल गई पता ही नही चला। उत्कर्ष के साथ रहना घूमना उसके साथ टाइम बिताना बहुत अच्छा लगता था मुझे। लेकिंन मुझे अंदर ही अंदर घुटन भी हो रही थी क्योंकि मैं उत्कर्ष के साथ एक तरह से धोका ही दे रही थी लेकिन मैं करती भी क्या मैं मजबूर थी। उस दिन जब उत्कर्ष को पता चल गया कि मैं उसे धोखा दे रही हूँ उस दिन वो मेरे घर आया। उत्कर्ष बहुत गुस्से में था वो आया और मुझे एक थप्पड़ जड़ दिया, बहुत बातें भी बोला। तब मैं उत्कर्ष को सारी सच बता दी। उत्कर्ष सच सुनकर मुझे गले लगा लिया और बोला रो मत कुछ न कुछ हल इसका निकाल ही लेंगे। दोनो इस परेशानी से निकलने की सोच ही रहे थे कि तभी ही कालीचरण यानी कि काल आ धमकता है अपने गुंडो के साथ। कालीचरण ही लावण्या को कॉल करके ये सब करने को बोला था। उत्कर्ष वही था अब कालीचरण का काम आसान था। उत्कर्ष ने कालीचरण से सौदा किया की वो NSA से फ़ाइल चोरी करके लाएगा वो लावण्या की बहन को छोड़ दे। कालीचरण इस सौदा के लिए तैयार हो गया। उत्कर्ष के साथ अपने आदमी भी भेज दिया ताकि वो पुलिस के पास न जाके अपना मिशन करे और हिदायत भी दी की अगर कोई होशियारी की तो लावण्या के साथ साथ इसकी बहन भी मारी जाएगी। ये सारी बाते लावण्या की एक सहेली सुनीता सुन ली लेकिन काल के आदमी ने उसे पकड़ लिया। उधर पता चला कि उत्कर्ष चोरी तो कर लिया लेकिन वो पहचान में आ गया। काल का मिशन खतरे में था। लावण्या और उत्कर्ष को खोजते हर्ष पुलिस पास चला जाता तो मामला और बिगड़ जाता इसलिए काल ने सुनीता का खून कर उसका चेहरा बिगाड़ दिया और वही पर सबूत के तौर पर उत्कर्ष के फिंगरप्रिंट छोड़ दिया। और कुछ दिन बाद ही उत्कर्ष को भी झूठ का मार दिया। उत्कर्ष चोरी तो किया था लेकिन वो फ़ाइल काल को नही दिया। क्योंकि जिस पेनड्राइव में फ़ाइल था वो कही खो गई थी।
लावण्या अभी बोल ही रही थी कि काल का आदमी चारो तरफ से तीनों को घेर लेता है। 
काल हर्ष और लावण्या को बहुत मारता है। अब वो दोनो को गोली मारने ही वाला होता है कि सुरेश वहाँ पुलिस के साथ आ जाता है काल के गुंडों और पुलिस में मुठभेड़ होती है और आखिर में काल पकड़ा जाता है। 
सुरेश बताता है कि वो अंडरकवर पुलिस है उसको ये फ़ाइल चोरी के बारे में भनक लगी थी कि देश की सुरक्षा खतरे में है तब से ही वो NSA के हेड के पीछे लग जाता है। वो हर्ष का मदद करना चाहता था लेकिन काल ने साजिश कर सुरेश को ही गुनेहगार बना दिया। हर्ष के नज़र में सुरेश गुनेहगार था इसलिए वो कॉल पर कुछ भी बताता तो वो सच नही समझता इसलिए मिलने को गोडाउन बुलाया था। मैं वहाँ इंतेज़ार कर रहा था लेकिन तुम यहाँ चले आये। लेकिन मैं अपने खबरी के मदद से यहाँ पहुँच गया।
लावण्या अभी भी उदास और परेशान थी तभी एक आवाज़ सुनी "दीदी"
लावण्या जब पलट के देखी तो उसकी बहन उसके तरफ दौड़ी आ रही थी। लावण्या ने प्यार से उसे गले लगा लिया और रोने लगी। लावण्या की बहन को भी वही रखा गया गया था छुपा के लेकिन हर्ष सीसीटीवी के मदद से खोज लिया। 
चारो खुशी खशी घर चले गए उधर कालीचरण को भी उम्र कैद की सज़ा हो गई।


                         THE END
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By- Prem Yadav With Pankaj Dhwaz Yadav